Two Brothers Story
एक बूढ़ी माँ के दो बिगड़ैल बेटे थें। वो बुद्धिमान थें। लेकिन गांव के लोगों को बड़ा परेशान करते थें। गांव के लोगों ने लड़कों की शिकायत उनकी माँ से की। माँ ने हर बार की तरह उन लोगों से माफ़ी मांगी और लड़कों से गलती अब नहीं होगी ऐसा वादा किया। जो की हर बार की तरह टूट जाता था। बूढ़ी माँ इस बात से बहुत परेशान थी। उसने अपने बेटों से कहा की मैं तुम्हारी हरकतों से तंग आ गयी हूँ। मेरी परवरिश ने ही तुम दोनों को बिगाड़ रखा है। अगले दिन उसी गांव में एक गुरु का आना हुआ गांव के लोगों ने उनका आदर सतकार किया। उनको रहने खाने की जगह दी। अगले दिन एक वृक्ष के निचे गुरु जी अपने शिष्यों को उपदेश दे रहे थें। गुरु ने देखा की एक पेड़ के निचे बूढ़ी औरत बैठी है और उनका ज्ञान सुन रही है। गुरु ने एक शिष्य से कह कर उसको अपने पास बुलाया। गुरु को बूढ़ी औरत के चेहरे पर उसकी चिंता की लकीर दिख रही थी। उन्होंने पूछा की तुम्हारे दुःख का कारण क्या है। बूढ़ी औरत ने अपनी सारी व्यथा सुनाई और गुरु से अपने बेटों को शिष्य बनाने के लिए ...